
इंदौर में एक युवती की दोस्त के कट्टे से गोली लगने पर मौत हो गई। लेकिन उसके परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उसके मुंह बोले भाइयों ने उसका अंतिम संस्कार किया। दरअसल, शुक्रवार को महालक्ष्मी नगर में रहने वाली युवती भावना उर्फ तन्नु सिंह की आंख में गोली लग गई थी। इसके बाद भावना के तीन दोस्त उसे अस्पताल में छोड़कर भाग गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। रिपोर्ट्स के अनुसार भावना ग्वालियर की रहने वाली थी। उसके माता-पिता की 10 साल पहले ही मौत हो गई थी। वह अपनी दादी के साथ रहती थी। लेकिन बाद में भावना ने किराए का रूम लेकर क्लाउड किचन शुरू किया था।
दादी ने शव लेने से किया इनकार
भावना की मौत के बाद पुलिस ने उसकी दादी से संपर्क किया। लेकिन उन्होंने शव लेने से मना कर दिया। पिछले पांच सालों से भावना राखी बांधने वाले अपने मुंहबोले भाई पंकज ठाकुर को जब इस घटना की खबर मिली, तो वे शनिवार को इंदौर पहुंचे। उनके साथ केके चौहान भी आए, जिन्हें भावना अपना भाई मानती थी।
मुंहबोले भाइयों ने किया अंतिम संस्कार
शनिवार को पंकज के पहुंचने के बाद ही भावना के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी हो पाई। दोपहर में पंकज और भावना के अन्य दोस्त बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंचे, जहां पुलिस ने पंकज से बातचीत कर जरूरी जानकारी जुटाई। इसके बाद शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए बॉम्बे हॉस्पिटल से एमवाय अस्पताल भेजा गया। गोली लगने के कारण पोस्टमार्टम से पहले भावना का एक्स-रे कराया गया, फिर आगे की प्रक्रिया पूरी की गई।
कानूनी प्रक्रिया के बाद हिन्दू रीति रिवाजों से भावना का अंतिम संस्कार किया गया। वहीं लसूड़िया थाना प्रभारी तारेश सोनी ने बताया कि गोले भावना के सिर पर लगी थी। पोस्टमार्टम में गोली उसके ब्रेन और स्कल के बीच में पीछे की तरफ मिली है।
ये भी पढ़ें- Jabalpur News : ड्राइवर को नींद की झपकी आने से बेकाबू होकर पलटी बस, 3 की मौत; 25 यात्री घायल