
गुजरात के बनासकांठा जिले में मंगलवार सुबह पटाखा फैक्ट्री में बॉयलर फटने से बड़ा हादसा हो गया। अब मृतकों के शव को मध्य प्रदेश लाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। देवास के 10 मजदूरों के शव उनके पैतृक गांव भेजे जा चुके हैं, जबकि बाकी शवों को पोस्टमार्टम के बाद रवाना किया जाएगा। दरअसल, इस दर्दनाक घटना में मध्य प्रदेश के हरदा और देवास जिले के 21 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 8 मजदूर घायल हैं। धमाके की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि कई मजदूरों के अंग 50 मीटर दूर तक बिखर गए। हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य जारी रहा। प्रशासन के मुताबिक, शवों की हालत बेहद खराब है, इसलिए परिजनों को एंबुलेंस में ही अंतिम दर्शन करवाने का फैसला किया गया है।
हादसे में पूरे परिवार को खोया, मां का रो-रोकर बुरा हाल
इस हादसे में देवास के संदलपुर निवासी राकेश भोपा, उनकी पत्नी डाली बाई और 7 साल की बेटी किरण की मौत हो गई। लेकिन उनकी 4 साल की बेटी नैना घायल है। परिवार पर पहले से ही इलाज के लिए कर्ज था। राकेश की मां शांताबाई ने बताया कि उन्होंने बेटे को बाहर काम करने से मना किया था। लेकिन वह ज्यादा कमाई के लिए चला गया। दुखद बात यह है कि राकेश पिछले साल हरदा की पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में बाल-बाल बचा था।
फैक्ट्री के पास नहीं था पटाखे बनाने का लाइसेंस
हादसे के बाद जांच में सामने आया कि जिस फैक्ट्री में धमाका हुआ, उसके मालिक खूबचंद सिंधी के पास सिर्फ पटाखे बेचने का लाइसेंस था, बनाने का नहीं। इसके बावजूद वहां अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे। स्थानीय पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
ये भी पढ़ें- भोपाल में 900 साल पुराना मां धरनीधर मंदिर, नवरात्रि में होती है विशेष पूजा; आस्था और इतिहास का अद्भुत संगम