
भोपाल: मध्यप्रदेश में हाल ही में हुई ओलावृष्टि से 400 से अधिक गांवों में फसलों को भारी नुकसान हुआ है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को तत्काल सर्वे कर राहत राशि देने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, राज्य में चार बड़े सोलर प्लांट लगाने का भी निर्णय लिया गया है, जिससे नगर निगम और जलापूर्ति योजनाओं का बिजली खर्च कम होगा। इसके साथ सीएम ने प्रदेश को लेकर कई अन्य ऐलान भी किए है।
ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को मिलेगा मुआवजा
विधानसभा सत्र के दौरान कैबिनेट बैठक में सीएम डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित किसानों का जल्द से जल्द सर्वे कर राहत राशि वितरित की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
इसके साथ प्रदेश के चार स्थानों पर बड़े सोलर प्लांट लगाए जाएंगे। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि इससे नगर निगमों और नगर पालिकाओं का बिजली खर्च कम होगा और जलापूर्ति योजनाओं को सुचारू और किफायती बनाया जा सकेगा।
गुड़ी पड़वा पर नववर्ष समारोह
मीटिंग में सीएम मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश में इस साल गुड़ी पड़वा का नववर्ष उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी मंत्री अपने-अपने जिलों में जाकर इस पर्व को मनाने में सहयोग करें। इस दौरान लोगों को गुड़, धनिया और नीम की पत्तियां खाने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि वे स्वस्थ रहें।
उज्जैन बनेगा काल गणना का प्रमुख केंद्र
कैबिनेट में यह भी फैसला लिया गया कि उज्जैन को काल गणना का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा, क्योंकि यहां गणितीय सटीकता का उच्च स्तर माना जाता है। इसके अलावा, ‘भारत का नव वर्ष विक्रम संवत’ नामक पुस्तिका का विमोचन किया गया, जिसमें विक्रम संवत, काल गणना पद्धति, प्राचीन यंत्रों और वैदिक घड़ी के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है।
इसके साथ वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 614 वर्ग किमी में ओंकारेश्वर वाइल्ड लाइफ सेंचुरी विकसित कर रही है। भविष्य में इसे टाइगर रिजर्व के रूप में विकसित करने की योजना है।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का असर दिखा
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के तहत प्रदेश में बड़े स्तर पर निवेश हो रहा है। भिंड-चंबल क्षेत्र में 18 नए एमओयू साइन हुए हैं और ग्वालियर सहित अन्य क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जाएंगी।
विक्रम महोत्सव में होगा महानाट्य का आयोजन
नई दिल्ली में 12-14 अप्रैल तक विक्रम महोत्सव का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सम्राट विक्रमादित्य पर केंद्रित महानाट्य की प्रस्तुति होगी। इसे प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों में भी दिखाया जाएगा।
प्रदेश सरकार की ये योजनाएं न सिर्फ किसानों और निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ऐतिहासिक धरोहरों के प्रचार में भी मददगार साबित होंगी।