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पाकिस्तान में ढेर हुआ लश्कर का आतंकी अबू कताल, भारत में कई हमलों का था मास्टरमाइंड; हाफिज सईद का था सबसे खास गुर्गा

इस्लामाबाद। लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का खूंखार आतंकी और भारत का मोस्ट वांटेड अबू कताल पाकिस्तान में मारा गया। शनिवार रात पाकिस्तान के झेलम इलाके में अज्ञात हमलावरों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। अबू कताल 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का बेहद करीबी था और भारत में कई बड़े आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड रहा था।

झेलम में अज्ञात हमलावरों ने मार गिराया

रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार रात करीब 8 बजे जब अबू कताल अपनी कार से झेलम से गुजर रहा था, तभी बाइक सवार हमलावरों ने कार पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। इस हमले में अबू कताल की मौके पर ही मौत हो गई। हमले के दौरान कार में आतंकी हाफिज सईद के भी मौजूद होने की खबरें आईं, लेकिन बाद में हाफिज सईद की मौत की खबरों का खंडन कर दिया गया।

भारत में कई आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड

अबू कताल जम्मू-कश्मीर में हुए कई आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड था। 9 जून 2024 को रियासी जिले में शिवखोड़ी मंदिर से लौट रहे तीर्थयात्रियों की बस पर हुए हमले में भी उसका हाथ था, जिसमें 10 लोगों की मौत हुई थी। इसके अलावा, 2023 के राजौरी हमले में भी उसका नाम सामने आया था, जिसमें सात लोग मारे गए थे।

NIA की चार्जशीट में था नाम

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 2023 में राजौरी जिले के ढांगरी गांव में हुए आतंकी हमले को लेकर चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें अबू कताल का नाम शामिल था। चार्जशीट में लश्कर के तीन आतंकियों को हमले का मास्टरमाइंड बताया गया था –

  • अबू कताल उर्फ कताल सिंघी
  • सैफुल्लाह उर्फ साजिद जट्ट (जिसे कई नामों से जाना जाता था)
  • मोहम्मद कासिम (जो 2002 में पाकिस्तान जाकर लश्कर में शामिल हो गया था)

हाफिज सईद का था सबसे खास आदमी

अबू कताल को हाफिज सईद ने लश्कर-ए-तैयबा का चीफ ऑपरेशनल कमांडर बनाया था। वह पाकिस्तान में बैठकर जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों की साजिशें रचता था। हाफिज सईद के निर्देश पर वह कश्मीर में आतंकियों की भर्ती करता और सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए ऑपरेशन को अंजाम देता था।

भारत में कई आतंकी नेटवर्क्स को कर रहा था ऑपरेट

NIA की जांच में यह भी सामने आया कि अबू कताल ने न केवल रियासी हमले की साजिश रची थी, बल्कि ढांगरी हमले के बाद आतंकियों को तीन महीने तक लॉजिस्टिक सपोर्ट भी मुहैया कराया था। वह भारत में कई आतंकी नेटवर्क्स को ऑपरेट कर रहा था, जिसकी वजह से भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ा सिरदर्द बना हुआ था।

पाकिस्तान में आतंकी सुरक्षित नहीं?

अबू कताल की हत्या इस ओर इशारा करती है कि, पाकिस्तान में भी अब आतंकियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बीते कुछ वर्षों में कई आतंकी कमांडरों को पाकिस्तान में ही मार गिराया गया है, जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि आतंकी संगठनों में ही आंतरिक गुटबाजी और संघर्ष बढ़ रहा है।

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