
पटना। बिहार की राजधानी पटना में “जमीन के बदले नौकरी” घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और उनके बेटे तेजप्रताप यादव से आज ED दफ्तर में पूछताछ की जाएगी। वहीं RJD सुप्रीमो लालू यादव को भी समन जारी कर 19 मार्च को पेश होने के लिए कहा गया है। ED दफ्तर के बाहर RJD समर्थकों की भीड़ जुटने लगी है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
BJP विधायक बोले- जैसी करनी वैसी भरनी
इस मामले पर बिहार के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि, “कानून अपना काम कर रहा है और न्यायालय का मामला है।” वहीं बीजेपी विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “सनातन संस्कृति में कहा गया है कि जैसी करनी वैसी भरनी। जब लालू यादव को सत्ता मिली थी तो उसका दुरुपयोग किया गया। अब उन्हें कानून का सामना करना पड़ेगा।”
कोर्ट से मिली थी जमानत
इससे पहले, 11 मार्च को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई थी। सुनवाई के दौरान लालू यादव के बेटे तेजप्रताप यादव और बेटी हेमा यादव कोर्ट पहुंचे थे। कोर्ट ने सभी आरोपियों को जमानत दे दी थी।
ED पहले भी कर चुकी है पूछताछ
इस मामले में ED पहले भी लालू यादव और उनके परिवार के सदस्यों से पूछताछ कर चुकी है। 20 जनवरी 2024 को दिल्ली और पटना में ED की टीम ने लालू और तेजस्वी यादव से 10 घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ की थी। इस दौरान लालू यादव से 50 से ज्यादा सवाल पूछे गए थे।
ED का कहना है कि अब उनके पास नए सबूत हैं, जिनके आधार पर फिर से पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, यह पूछताछ पिछले बयान और नए साक्ष्यों का मिलान करने के लिए की जा रही है।
क्या है जमीन के बदले नौकरी घोटाला?
CBI के अनुसार, 2004 से 2009 के बीच जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे, तब रेलवे में नौकरियां देने के बदले जमीनें ली गईं। यह मामला पश्चिम-मध्य रेलवे के जबलपुर जोन से जुड़ा है, जहां ग्रुप-डी पदों पर भर्ती की गई थी। आरोप है कि, नौकरी पाने वालों को जमीन लालू परिवार के नाम ट्रांसफर करनी पड़ी।
कितनी संपत्ति का हुआ लेनदेन?
CBI के मुताबिक, लालू परिवार ने 1 लाख स्क्वायर फीट से ज्यादा जमीन महज 26 लाख रुपए में हासिल कर ली थी, जबकि उस समय इस जमीन की सरकारी दर पर कीमत 4.39 करोड़ रुपए थी। इतना ही नहीं, जमीन मालिकों को अधिकतर भुगतान नकद में किया गया था।
CBI और ED की जांच में अब तक क्या हुआ?
CBI ने 18 मई 2022 को लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी, दो बेटियों और कुछ सरकारी अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इस मामले में अब तक 30 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति मिल चुकी है।
चार्जशीट और कोर्ट की सुनवाई:
- 10 अक्टूबर 2022 को CBI ने चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें 16 लोगों को आरोपी बनाया गया।
- जुलाई 2022 में CBI ने लालू यादव के पूर्व ओएसडी भोला यादव को गिरफ्तार किया था।
- 28 फरवरी 2023 को दिल्ली की कोर्ट ने लालू परिवार समेत 14 आरोपियों को समन जारी किया था।
- 15 मार्च 2023 को अदालत ने सभी आरोपियों से पूछताछ कर आरोप तय किए थे।
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