
कुरुक्षेत्र। हरियाणा के कुरुक्षेत्र में चल रहे 1008 कुंडीय महायज्ञ के दौरान बड़ा विवाद हो गया। आयोजन में शामिल ब्राह्मणों ने बासी खाना परोसे जाने का विरोध किया, जिसके बाद आयोजकों के निजी सुरक्षा गार्डों ने उन पर फायरिंग कर दी। इस घटना में लखनऊ से आए ब्राह्मण आशीष तिवारी को गोली लग गई, जिससे हंगामा मच गया। गुस्साए ब्राह्मणों ने तोड़फोड़ और पथराव किया, साथ ही सड़क जाम कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया।
क्यों की गई फायरिंग?
शनिवार (22 मार्च) सुबह करीब 9:30 बजे ब्राह्मण नाश्ते के लिए पहुंचे, लेकिन खाने से बदबू आने के कारण उन्होंने इसका विरोध किया। इस पर आयोजकों के निजी सुरक्षा गार्डों (बाउंसरों) और ब्राह्मणों के बीच बहस हो गई। बहस के दौरान गार्डों ने लाठियों और ईंटों से हमला कर दिया, फिर अचानक फायरिंग कर दी। इसमें लखनऊ से आए आशीष तिवारी को गोली लगी और कई अन्य ब्राह्मण भी घायल हो गए।
ब्राह्मणों ने कुरुक्षेत्र-कैथल रोड किया जाम
फायरिंग की घटना के बाद ब्राह्मणों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने महायज्ञ स्थल के बाहर कुरुक्षेत्र-कैथल रोड पर जाम लगा दिया और पथराव शुरू कर दिया। गुस्साए लोगों ने यज्ञशाला का मुख्य द्वार तोड़ दिया और सड़क किनारे लगे पोस्टर-बैनर भी फाड़ दिए। ब्राह्मणों ने आयोजकों के खिलाफ नारेबाजी की। रोड से गुजरने वाले वाहनों को जबरन रोका गया। कुछ गाड़ियों के शीशे भी तोड़ दिए गए।
मौके पर पुलिस पहुंची और प्रदर्शनकारियों को शांत करने की कोशिश की, लेकिन जब वे नहीं मानें तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया। हालांकि, अभी भी कई ब्राह्मण धरने पर बैठे हैं और सुरक्षा गार्डों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
घटना को लेकर ब्राह्मणों और आयोजकों का बयान
ब्राह्मणों का आरोप- “पहले भी मारपीट हुई थी”
प्रदर्शन कर रहे ब्राह्मणों ने बताया कि पहले भी आयोजकों के सुरक्षा गार्डों द्वारा उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया था। बासी खाना दिए जाने का विरोध करने पर मारपीट होती थी। बाउंसरों ने पहले वृंदावन से आए 70 ब्राह्मणों की पिटाई की, जिससे वे भाग गए। कई बार ब्राह्मणों को थप्पड़ और डंडे मारे जाते थे।
गोली लगने से घायल आशीष तिवारी ने बताया, “हम बाबा से शिकायत करने जा रहे थे, तभी गार्ड ने हमें रोक लिया और लाठियों से पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद अचानक गोलियां चलाई गईं।”
आयोजक बोले- “शरारती तत्वों ने किया हंगामा”
महायज्ञ के आयोजक आचार्य स्वामी शुभ ने कहा कि, यह पूरी घटना किसी शरारती तत्व की साजिश है। उन्होंने कहा, “हम कभी नहीं चाहेंगे कि हमारे यज्ञ में कोई विवाद हो। जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी। हम भी मामले की जांच कर रहे हैं।”
महायज्ञ से जुड़ी 2 अहम बातें
18 मार्च से चल रहा है महायज्ञ : कुरुक्षेत्र के केशव पार्क में 1008 कुंडीय शिव-शक्ति महायज्ञ 18 मार्च से शुरू हुआ था और 27 मार्च तक चलने वाला था। इसमें देशभर से 1500 ब्राह्मण बुलाए गए थे, जिनके ठहरने और खाने की व्यवस्था आयोजकों द्वारा की गई थी।
इस कार्यक्रम में BJP के कई बड़े नेता शामिल हो चुके हैं, जिनमें प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल, पूर्व मंत्री सुभाष सुधा, पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल और मुख्यमंत्री की पत्नी सुमन सैनी शामिल हैं।
तीन बार हुआ आयोजन, तीनों बार हुआ विघ्न :
- 2021: पहली बार यज्ञ कराया गया तो पंडाल में आग लग गई।
- 2023: दूसरी बार आयोजन के दौरान बरसात से पूरा स्थल जलमग्न हो गया।
- 2025: अब तीसरी बार यज्ञ हुआ तो फायरिंग की घटना हो गई।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
घटना की सूचना मिलते ही कुरुक्षेत्र पुलिस मौके पर पहुंची। घायल ब्राह्मणों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। LNJP अस्पताल में भर्ती आशीष तिवारी की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शांत करने की कोशिश की, लेकिन जब वे नहीं माने तो हल्का लाठीचार्ज किया गया। वहीं, पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है।
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