
कठुआ। जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान एक नया घटनाक्रम सामने आया है। 4 दिनों से चल रहा ऑपरेशन साफियान रविवार को अस्थायी रूप से रोक दिया गया, जिसका फायदा उठाकर जंगलों में छिपे तीन आतंकी जुथाना के रुई गांव में दिखाई दिए। इस घटना ने इलाके में भय और दहशत का माहौल बना दिया है।
घर में घुसकर खाना मांगा, बच्चे को किया किडनैप
रविवार (30 मार्च) शाम करीब 7:45 बजे तीन संदिग्ध आतंकवादी काले कपड़ों में करतार सिंह नाम के व्यक्ति के घर में घुसे। उन्होंने परिवार से खाना और पानी मांगा। परिवार के पुरुष सदस्य हथियार देखकर घबरा गए और घर से भाग गए, लेकिन एक बुजुर्ग महिला और 13 साल का लड़का वहीं रह गए। खाना खाने के बाद आतंकियों ने लड़के को पकड़ लिया और अपने साथ ले जाने लगे।
पहाड़ी से कूदकर भागा बच्चा
आतंकियों के चंगुल से बचने के लिए 13 वर्षीय लड़के ने साहस दिखाया और पहाड़ी से कूदकर भागने में सफल रहा। वह पास के खेतों में जाकर छिप गया और बाद में परिजनों को घटना की जानकारी दी।
इलाका में तलाशी अभियान जारी
घटना की सूचना मिलते ही सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर लिया। हालांकि, अंधेरा होने के कारण तलाशी अभियान रात में नहीं चलाया जा सका। सोमवार सुबह होते ही आतंकियों की तलाश तेज कर दी गई। पुलिस के अनुसार ये आतंकी जाखोले की ऊंची पहाड़ियों में 10 किलोमीटर के दायरे में छिपे हुए हैं। इस इलाके में घने जंगल और कई गुफाएं हैं, जहां वे स्थानीय लोगों की मदद से पिछले चार दिनों से टिके हुए हैं।
एनकाउंटर में 2 आतंकी ढेर, 4 जवान शहीद
28 मार्च को कठुआ में हुए एनकाउंटर में सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया था, लेकिन इस मुठभेड़ में SOG के चार जवान शहीद हो गए थे। शहीदों में तारिक अहमद, जसवंत सिंह, जगबीर सिंह और बलविंदर सिंह शामिल थे। घायल DSP धीरज सिंह समेत तीन जवानों का इलाज अभी भी जारी है। सुरक्षाबलों को करीब 5 आतंकवादियों के छिपे होने की खबर मिली थी। ये आतंकी जैश-ए-मोहम्मद के प्रॉक्सी संगठन पीपुल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट से जुड़े बताए जा रहे हैं।
शहीदों के परिवार को सरकारी सहायता
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने दो शहीद पुलिसकर्मियों जसवंत सिंह और बलविंदर सिंह के परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सरकारी नौकरी देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि, सांसद निधि से 70 लाख रुपए की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी और शहीदों की स्मृति में एक स्मारक द्वार भी बनाया जाएगा।
पुलिस ने किया अफवाहों का खंडन
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने साफ किया कि ऑपरेशन के दौरान आतंकियों ने कोई हथियार नहीं लूटा है। कुछ अफवाहें सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही थीं कि आतंकियों ने शहीद जवानों के हथियार छीन लिए, लेकिन पुलिस ने इन दावों को खारिज कर दिया है। पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि सभी हथियार बरामद कर लिए गए हैं और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है।
पहले भी हो चुकी है आतंकियों की घुसपैठ
इससे पहले 23 मार्च को हीरानगर सेक्टर में आतंकवादियों के एक ग्रुप को सुरक्षाबलों ने घेर लिया था, लेकिन वे भागने में कामयाब रहे। माना जा रहा है कि ये वही आतंकवादी हैं, जो सान्याल से निकलकर जखोले गांव के पास देखे गए थे। आतंकियों ने एक परिवार को बंधक भी बनाया था, लेकिन परिवार किसी तरह उनके चंगुल से निकलने में सफल रहा।
कठुआ में आतंक का खौफ
लगातार हो रही आतंकी घटनाओं से कठुआ जिले के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। हालिया घटनाओं से साफ है कि, आतंकवादी स्थानीय लोगों की मदद से खुद को सुरक्षित रख रहे हैं। सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान तेज कर दिया है ताकि बचे हुए आतंकियों को जल्द से जल्द खत्म किया जा सके।
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