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जम्मू-कश्मीर : कठुआ में तीसरे दिन भी आतंकियों की सर्चिंग जारी, इलाके पर हेलिकॉप्टर से रखी जा रही नजर

जम्मू। जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में घुसपैठ करने वाले आतंकवादियों की तलाश के लिए मंगलवार को तीसरे दिन भी सुरक्षाबलों का अभियान जारी रहा। यह अभियान पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात के नेतृत्व में चलाया जा रहा है। सुरक्षाबलों ने रविवार शाम को हीरानगर सेक्टर में एक पौधशाला में छिपे आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ के बाद इलाके की घेराबंदी कर दी थी।

सुरक्षाबलों की सख्त निगरानी

मंगलवार सुबह जैसे ही सुरक्षाबल इलाके में आगे बढ़े, गोलियों की आवाज सुनाई दी। हालांकि, अधिकारियों के अनुसार, यह गोलीबारी किसी संदिग्ध गतिविधि को देखने के बाद सेना के जवानों द्वारा की गई थी। सेना ने इलाके की निगरानी के लिए हेलिकॉप्टर, ड्रोन और मानव रहित हवाई यान (यूएवी) भी तैनात किए हैं। कमांडो दस्ते और श्वान दल भी इस ऑपरेशन में जुटे हुए हैं।

कैसे हुई मुठभेड़?

अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाबलों को पाकिस्तान से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब 5 किलोमीटर दूर सान्याल गांव की पौधशाला में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद विशेष अभियान समूह (एसओजी) की पुलिस टीम ने तलाश अभियान शुरू किया। जब सुरक्षाबल अंदर दाखिल हुए, तो आतंकियों ने उन पर गोलीबारी कर दी। इस मुठभेड़ में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन आतंकियों की धरपकड़ के लिए इलाके की घेराबंदी कर दी गई।

आतंकियों के सामान बरामद

सोमवार को तलाशी के दौरान सुरक्षाबलों को एक एम4 कार्बाइन राइफल की चार भरी हुई मैगजीन, दो ग्रेनेड, एक बुलेटप्रूफ जैकेट, स्लीपिंग बैग, ट्रैकसूट और खाने के कई पैकेट मिले। इसके अलावा, पॉलीथिन बैग में कुछ संदिग्ध सामान भी बरामद हुआ, जिसे बम निरोधक दस्ते द्वारा जांचा जा रहा है।

सुरंग के जरिए की थी घुसपैठ

माना जा रहा है कि शनिवार को कम से कम पांच आतंकवादियों के दो समूहों ने नाले या नई बनाई सुरंग के जरिए सीमा पार कर घुसपैठ की थी। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि पौधशाला में लकड़ी इकट्ठा करने गई कुछ महिलाओं ने आतंकवादियों को देखा और उनकी संख्या पांच बताई।

स्थानीय लोगों पर हमला

गांव की निवासी अनीता देवी (48) ने बताया कि उनके पति लकड़ियां इकट्ठा करने गए थे, जब आतंकियों ने उन्हें बंधक बना लिया। अनीता ने बताया, “आतंकियों ने मुझे भी पास आने को कहा, लेकिन मेरे पति ने इशारे से मुझे भागने के लिए कहा। जब मैं चिल्लाने लगी, तो आस-पास घास काट रहे कुछ लोग वहां आ गए और मैं भागने में सफल रही।” इस बीच, 7 वर्षीय बच्ची की बांह में गोली लगने से वह मामूली रूप से घायल हो गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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