
जबलपुर। आजादी के इतने सालों बाद भी मध्य प्रदेश के कई ग्रामीण इलाके बुनियादी सुविधाओं से कोसों दूर हैं। जिसकी वजह से वहां रह रहे लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसी क्रम में मध्य प्रदेश के जबलपुर के पाटन तहसील के ग्राम भुंवरा में खाट पर बुजुर्ग महिला मरीज को ले जाने का वीडियो सामने आया है। गांव में सड़क नहीं होने की वजह से मरीज को ले जाने के लिए खटिया का सहारा लेना पड़ता है।
क्या है पूरा मामला
मामला जबलपुर जिले के पाटन तहसील के ग्राम भुंवरा का है। जहां सड़क नहीं होने की वजह से बुजुर्ग महिला मरीज को ले जाने के लिए खटिया का सहारा लेना पड़ता है। भुंवरा गांव के बंशकार मोहल्ले के ग्रामिणों का कहना है कि, अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक सभी से गुहार लगाने के बाद भी गांव की सड़क नहीं बनी है।
ग्रामिणों का आरोप- नहीं मिली बुनियादी सुविधाएं
लोगों का कहना है कि, अगर कोई व्यक्ति बीमार हो जाता है, तो उसे खाट में डालकर या पीठ पर लादकर मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ता है। उनका आरोप है कि, वे समाज के कमजोर वर्ग से आते हैं, इसलिए उनके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। गांव में साफ-सफाई की भी भारी कमी है। गंदगी की वजह से छोटे बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। गांव में संक्रामक बीमारियां तेजी से फैल रही हैं और स्वास्थ्य सेवाओं नहीं होने की वजह से स्थिति और गंभीर बन जाती है।
ग्रामीणों ने सरपंच पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि, कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह गांव आए थे और गांव के सरपंच को सड़क निर्माण के लिए तीन लाख रुपए का चेक दिया था। इसके अलावा, वर्तमान विधायक अजय बिश्नोई ने भी दो लाख रुपए का चेक दिया था। पैसे मिलने के बाद भी सड़क का निर्माण नहीं हुआ। यह राशि कहां खर्च हुई, इसकी कोई जानकारी नहीं है।
ग्रामीणों का आरोप है कि, गांव के सरपंच ने भ्रष्टाचार किया है। विकास के नाम पर दिए गए पैसे का सही उपयोग नहीं हो रहा है। गांव की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आ रहा है। ग्रामीणों ने सरकार से जल्द से जल्द इस समस्या के समाधान की मांग की है।