Indore Gair : रंगपंचमी पर रंगों से सराबोर हुआ इंदौर, गेर में टैंकरों से रंगों की बौछार, राजवाड़ा पर जबरदस्त माहौल

इंदौर। रंगपंचमी के अवसर पर इंदौर में बुधवार को पारंपरिक गेर निकाली जा रही है। इस आयोजन को देखने के लिए यूनेस्को की टीम भी शहर पहुंची है। कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि यदि इंदौर को यूनेस्को की सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल करना है, तो यह जरूरी है कि गेर को शालीनता, महिलाओं की सहभागिता और सुरक्षित तरीके से निकाला जाए। कलेक्टर का दावा है कि गेर में अभी तक पांच लाख से ज्यादा लोग शामिल हो चुके हैं।
राजवाड़ा में ट्रैक्टर ने युवक को रौंदा
गेर निकालने के दौरान राजवाड़ा में ट्रैक्टर का पहिया 45 वर्षीय शख्स के पेट के ऊपर से निकल गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसकी इसकी जानकारी मिलते ही सीएम डॉ. मोहन यादव ने गेर में शामिल नहीं होने का निर्णय लिया। सीएम ने मृतक के परिवार 4 लाख रुपए देने की घोषणा की है।
राजवाड़ा रंगों से सराबोर
राजवाड़ा क्षेत्र रंगों से सराबोर हो चुका है। हुरियारों की टोलियां पूरे शहर से गेर देखने के लिए यहां उमड़ी हैं। लाखों लोग इस अनोखे उत्सव के साक्षी बने हैं। टैंकरों से रंग और पानी की बौछार की जा रही है, वहीं तोपों से गुलाल उड़ाया जा रहा है। नरसिंह बाजार में श्रीकृष्ण की आरती के बाद फाग यात्रा की शुरुआत हुई। आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने रंग-गुलाल उड़ाया। देखें वीडियो..
राधा कृष्ण की झांकी आकर्षण का केंद्र
राजवाड़ा क्षेत्र में टोरी कार्नर से सुबह 10:30 बजे से गेर निकलने का सिलसिला शुरू हुआ। यह गेर टोरी कार्नर से शुरू होकर राजवाड़ा, सराफा होते हुए नरसिंह बाजार पहुंचेगी। इस आयोजन में कई प्रसिद्ध गेर शामिल हैं, जिनमें राधा-कृष्ण फाग यात्रा, संगम कार्नर गेर, टोरी कार्नर गेर और मारल क्लब की गेर प्रमुख हैं। हालांकि, इस बार रसिया कार्नर की गेर नहीं निकलेगी।
गेर में लाखों लोगों की भीड़ ने एंबुलेंस को दिया रास्ता
रंगपंचमी पर बुधवार को इंदौर में गेर निकाली जा रही है। इस दौरान अचानक एक शख्स की तबीयत बिगड़ गई, उसे तुरंत एम्बुलेंस में बैठाया गया। हजारों लोगों की भीड़ ने रास्ता देकर कुछ ही मिनट में एम्बुलेंस को निकाला गया।
कंट्रोल रूम से कलेक्टर कर रहे मॉनिटरिंग
कलेक्टर आशीष सिंह ने स्वयं कंट्रोल रूम की कमान संभाली। चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी की निगरानी रखी जा रही है। गेर के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में भी तैनात हैं। छतों पर भी पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है ताकि हुड़दंगियों पर नजर रखी जा सके।





















