PlayBreaking News

न्यूयॉर्क में भारतीय मूल के नेता जोहरान ममदानी ने हाथ से खाया खाना, भड़के ट्रंप के सांसद, कहा- यहां के तौर-तरीके सीखो वरना पिछड़े देश लौट जाओ

Follow on Google News
न्यूयॉर्क में भारतीय मूल के नेता जोहरान ममदानी ने हाथ से खाया खाना, भड़के ट्रंप के सांसद, कहा- यहां के तौर-तरीके सीखो वरना पिछड़े देश लौट जाओ

न्यूयॉर्क। भारतीय मूल के युवा नेता जोहरान ममदानी इन दिनों अमेरिका के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा के केंद्र में हैं। न्यूयॉर्क के मेयर पद के डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जोहरान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वे हाथ से चावल खाते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो उनके समर्थकों द्वारा सांस्कृतिक गर्व और विविधता की मिसाल के रूप में साझा किया गया, लेकिन रिपब्लिकन पार्टी के सांसद ब्रैंडन गिल ने इस पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए नस्लभेदी बयान दिया।

गिल ने एक्स पर लिखा, “अमेरिका में सभ्य लोग इस तरह से खाना नहीं खाते। अगर आप पश्चिमी तौर-तरीके नहीं अपना सकते, तो अपने पिछड़े देश लौट जाइए।”

इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली और गिल को चौतरफा आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।

संस्कृति पर हमले से भड़के लोग, ट्रोल हुए सांसद

सांसद ब्रैंडन गिल की टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। गिल के बयान को नस्लवादी और अपमानजनक बताते हुए हजारों यूजर्स ने विरोध जताया।

एक यूजर ने तंज कसा, “क्या आप एशियाई रेस्टोरेंट में चॉपस्टिक से खाने पर भी नाराज होते हैं?”

वहीं, एक अन्य यूजर ने सवाल उठाया, “टैको, बर्गर और फ्रेंच फ्राइज को क्या आप कांटे-चम्मच से खाते हैं?”

लोगों ने यह भी कहा कि जब तर्क और मुद्दों पर बहस नहीं हो पाती, तब सांस्कृतिक प्रतीकों और पहचान पर हमला किया जाता है। इसके अलावा, कुछ आलोचकों ने ममदानी पर कैमरे के सामने सांस्कृतिक प्रदर्शन करने का आरोप भी लगाया।

एक यूजर ने उनकी एक पुरानी तस्वीर शेयर की, जिसमें ममदानी चाकू और कांटे से खाना खाते नजर आ रहे हैं। इस पर लिखा गया, “जोहरान कैमरे के सामने हाथ से खाकर अपनी पहचान को प्रोजेक्ट करते हैं, जबकि निजी जीवन में वे पश्चिमी तौर-तरीकों से ही जीते हैं।”

हालांकि, इस दलील को सोशल मीडिया पर समर्थन कम ही मिला।

फिलिस्तीनी संघर्ष पर बोले ममदानी

जिस वीडियो को लेकर विवाद हुआ, उसमें ममदानी फिलिस्तीनी मुद्दे पर बात कर रहे थे। उन्होंने कहा, “जब आप थर्ड वर्ल्ड यानी विकासशील देशों में पले-बढ़े होते हैं, तो आप फिलिस्तीनी संघर्ष को ज्यादा गहराई से समझ सकते हैं।”

उनका यह बयान अमेरिका की पारंपरिक मध्य-पूर्व नीति के आलोचकों को प्रेरित करने वाला था, लेकिन दक्षिणपंथी समूहों ने इसे अमेरिका विरोधी विचारधारा की तरह पेश करने की कोशिश की।

अरबपतियों के खिलाफ बयान से भी चर्चा में रहे ममदानी

इससे पहले भी ममदानी उस समय चर्चा में आए थे, जब उन्होंने अरबपतियों पर निशाना साधा। एनबीसी न्यूज के मीट द प्रेस शो में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “हमें दुनिया में अरबपति नहीं चाहिए। इतनी असमानता के दौर में किसी के पास इतना धन होना उचित नहीं है। मैं चाहता हूं कि न्यूयॉर्क के सबसे अमीर लोगों और बड़ी कंपनियों पर टैक्स बढ़ाया जाए।”

ममदानी ने कहा कि वे सबसे अमीर 1% लोगों पर एक प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स लगाना चाहते हैं ताकि समाज में समानता लाई जा सके और जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो सके।

उनके इस बयान के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रिपब्लिकन नेताओं ने उन्हें कम्युनिस्ट करार दिया।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ममदानी ने कहा, “मैं कम्युनिस्ट नहीं हूं। ट्रम्प मेरे लुक्स, आवाज और पहचान को मुद्दा बनाते हैं ताकि मेरे काम से ध्यान हटाया जा सके। मैं उन मेहनतकश अमेरिकियों की लड़ाई लड़ रहा हूं, जिन्हें ट्रंप की नीतियों ने छला है।”

ट्रंप समर्थकों ने बताया न्यूयॉर्क के लिए खतरा

ममदानी की बढ़ती लोकप्रियता से परेशान ट्रम्प समर्थक लगातार उन पर हमले कर रहे हैं। डेमोक्रेटिक प्राइमरी में उनकी ऐतिहासिक जीत के बाद रिपब्लिकन खेमे में बेचैनी और नाराजगी देखी जा रही है। ट्रम्प प्रशासन के पूर्व सलाहकार स्टीफन मिलर ने ममदानी की जीत को अमेरिकी प्रवासन नीति की विफलता बताया।

वहीं, टेनेसी के रिपब्लिकन प्रतिनिधि एंडी ओग्ल्स ने तो अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी से मांग की कि ममदानी की नागरिकता रद्द की जाए क्योंकि वे आतंकवाद का समर्थन करते हैं।

फिल्म डायरेक्टर मीरा नायर के बेटे हैं जोहरान

जोहरान ममदानी का जन्म युगांडा में हुआ, लेकिन उनका पालन-पोषण अमेरिका में हुआ। वे प्रसिद्ध भारतीय मूल की फिल्मकार मीरा नायर और युगांडा के विद्वान प्रो. महमूद ममदानी के बेटे हैं। मीरा नायर ‘सलाम बॉम्बे’, ‘मानसून वेडिंग’ और ‘द नेमसेक’ जैसी वैश्विक फिल्मों के लिए जानी जाती हैं। जोहरान की मां हिंदू और अमेरिकी नागरिक हैं जबकि पिता मुस्लिम और युगांडा के निवासी रहे हैं।

 

2018 में अमेरिका की नागरिकता

जोहरान ने 2014 में अमेरिका के मेन राज्य के बोडोइन कॉलेज से अफ्रीकाना स्टडीज में स्नातक की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने न्यूयॉर्क के क्वींस और ब्रुकलिन में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों के साथ काम करते हुए राजनीति की बारीकियां सीखी। 2018 में उन्हें अमेरिकी नागरिकता प्राप्त हुई।

2025 की शुरुआत में ममदानी ने सीरियाई मूल की आर्टिस्ट रामा दुवाजी से शादी किया। रामा एक जानी-मानी इलस्ट्रेटर और एनिमेटर हैं, जिनके काम ‘द न्यू यॉर्कर’, ‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ और ‘वाइस’ जैसी प्रतिष्ठित मीडिया संस्थाओं में प्रकाशित हो चुके हैं।

Wasif Khan
By Wasif Khan

फिलहाल जुलाई 2024 से पीपुल्स अपडेट में सब-एडिटर हूं। बीते 3 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हूं। 12वीं म...Read More

नई दिल्ली
--°
बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
Source:AccuWeather
icon

Latest Posts