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पहली बार CSR फंड से वार्ड संवारेंगे, इंदौर में गोदरेज कंपनी लेगी जिम्मेदारी

शैलेंद्र वर्मा-इंदौर। गोल्डन श्रेणी सिटी का खिताब हासिल करने में जुटा देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में अब कुछ ऐसा होने जा रहे जो अबतक देश के किसी भी शहर में नहीं हुआ है। इंदौर स्वच्छता का सेल्फ डिपेंडेंट मॉडल पेश करेगा। इसके लिए इंदौर ननि देश की नामी कंपनी गोदरेज के साथ एक एमओयू साइन करेगा। गोदरेज अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) फंड से शहर के पांच वार्ड की सफाई का जिम्मा उठाएगी। ऐसा करने वाला यह न केवल प्रदेश का पहला शहर होगा बल्कि देश का भी पहला शहर हो सकता है। देश में अभी तक किसी भी कंपनी द्वारा इतने बड़े स्तर पर सीएसआर फंड का उपयोग स्वच्छता में नहीं किया गया है।

कंपनी के पास होगा यह काम, उठाएगी खर्च

  • वार्ड में डोर टू डोर वाहन का संचालन करना
  • सफाई कर्मचारियों का वेतन
  • वार्ड में सेग्रीगेशन, रिसाइकल प्लांट स्थापित करना

निगम का खर्च बचेगा, केवल मॉनिटरिंग करेंगे

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि इंदौर की स्वच्छता को बरकरार रखने के लिए निगम प्रतिवर्ष लगभग 25 करोड़ रुपए की राशि खर्च करता है। इसलिए इंदौर नगर निगम अब आत्म निर्भर वार्ड मॉडल तैयार कर है, जो देश के किसी भी शहर ने नहीं बनाया है। इसके तहत सीएसआर फंड से स्वच्छता का काम होगा।

हमने प्रयास किए की इंदौर स्वच्छता में आत्मनिर्भर बने, जिसकी शुरुआत गोदरेज कंपनी ने कर दी है। निगम वार्ड 51, 52, 53, 63, और 64 में निगरानी करेगा। सारी जिम्मेदारी गोदरेज उठाएगी। – पुष्यमित्र भार्गव, महापौर, इंदौर

गोदरेज के अधिकारी व्यवस्था को समझ रहें हैं। कचरा रीसाइकिल के लिए जोन 18 में प्लांट स्थापित होंगे इसके लिए जमीन खोजी जा रही है। निगम डीपीआर बनाने के बाद, एमओयू तैयार करेगा। -शिवम वर्मा, निगम आयुक्त इंदौर

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