Farmers Protest : किसानों का दिल्ली कूच 29 फरवरी तक टला, आज निकालेंगे कैंडल मार्च; हरियाणा में टकराव के बाद हालात तनावपूर्ण

नई दिल्ली। किसान आंदोलन का आज 12वां दिन है। केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों ने फिलहाल 'दिल्ली कूच' को 29 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया है। इसके बारे में किसान संगठन के नेता सरबान सिंह पंढेर ने खनौरी सीमा पर मीडिया को यह जानकारी दी। इसके साथ उन्होंने ये भी बताया कि अब तक इस आंदोलन में जिन किसानों की मौत हुई है उनके लिए कैंडल मार्च निकाला जाएगा। जहां एक तरफ थोड़ी राहत दिखाई दे रही है वहीं, हरियाणा में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। हरियाणा के हिसार में पुलिस और किसानों के बीच टकराव हो गया। जिसमें कम से कम 40 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
29 फरवरी तक टला दिल्ली कूच
किसान संगठन के नेता सरबान सिंह पंढेर ने खनौरी सीमा पर मीडिया से बातचीत करते हुए जानकारी दी कि आगे की रणनीति पर 29 फरवरी को फैसला होगा तब तक दिल्ली कूच नहीं किया जाएगा। मामले पर आगे की रणनीति के लिए 27 फरवरी को किसान यूनियनों की बैठक संयुक्त बैठक की जाएगी। उसमें तय किया जाएगा कि आगे क्या करना है।
आज निकलेगा कैंडल मार्च
पंढेर ने आगे कहा कि, "हम सभी दुखी हैं, हमने अपने युवा किसान शुभकरण सिंह को खोया है। हमने अपने 4 किसानों को खो दिया है। इसके लिए 24 फरवरी को हम कैंडल मार्च निकालेंगे।"
पुलिस की बर्बरता से परेशान हैं किसान
पंढेर ने हरियाणा के किसानों का जिक्र करते हुए आगे कहा, पुलिस की बर्बरतापूर्ण हरकत से हरियाणा में आपात स्थिति पैदा हो गई है। हम दोनों सीमाओं पर कैंडल मार्च निकालेंगे। डब्ल्यूटीओ किसानों के लिए कितना बुरा है, इस पर चर्चा करने के लिए हम कृषि क्षेत्र से बुद्धिजीवियों को बुला रहे हैं।चौकी पर पथराव, गाड़ियों में तोड़फोड़
नेता पंढेर की मीडिया से बातचीत से पहले हरियाणा के हिसार में पुलिस और किसानों के बीच टकराव हो गया। जिसके बाद यहां हालात बिगड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। हरियाणा के किसान खनौरी बॉर्डर पर पंजाब के किसानों के पास जाना चाहते थे। जिसके बाद उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। किसानों ने पथराव किया। इस झड़प में 20 पुलिसकर्मी सहित कई किसान घायल हुए। इसी के साथ हरियाणा के 7 जिलों में मोबाइल इंटरनेट पर रोक बढ़ा दी गई है।
किसानों ने मनाया था ब्लैक डे
इससे पहले शुक्रवार यानी 23 फरवरी को किसानों ने ब्लैक डे मनाया था। शंभू बॉर्डर पर किसानों ने काले झंडे लहराए और काली पट्टियां भी बांधी। वहीं, हालात की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा पुलिस ने आंदोलन कर रहे किसान नेताओं के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई का फैसला वापस लिया।
किसानों से की जाएगी नुकसान की भरपाई
इससे पहले, गुरुवार यानी 22 फरवरी को अंबाला पुलिस ने कहा था कि प्रदर्शन के दौरान सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई आंदोलनकारी किसान नेताओं से की जाएगी। इसके लिए उनकी संपत्ति कुर्क और बैंक खातों को सीज किया जाएगा।
किसानों की मांग - शुभकरण की मौत की दर्ज करें FIR
वहीं, खनौरी बॉर्डर पर बठिंडा के युवा किसान शुभकरण का अभी अंतिम संस्कार नहीं हुआ है। पंजाब सरकार ने परिवार को 1 करोड़ का मुआवजा के साथ बहन को सरकारी नौकरी देने की घोषणा कर दी है लेकिन, किसान संगठनों और परिवार की मांग है कि पंजाब पुलिस शुभकरण की मौत के मामले में हत्या की FIR दर्ज करे। तभी उनका अंतिम संसकार किया जाएगा।
किसानों के 24 फरवरी से 29 फरवरी तक के कार्यक्रम
- 24 फरवरी को देशभर में शाम को शहीद शुभकरण सिंह और अन्य किसानों की स्मृति में कैंडल मार्च निकाली जाएगा।
- 25 फरवरी को शंभू एवं खनौरी बॉर्डर पर WTO के विषय में सम्मेलन कर के देशभर के किसानों के बीच जागरूकता बढ़ाई जाएगी।
- 26 फरवरी को देश के सभी गांव में WTO के पुतले सुबह फूंके जाएंगे एवं दोपहर 3 बजे WTO के बड़े पुतले बॉर्डर पर भी फूंके जाएंगे
- 27 फरवरी को दोनों फोरम की राष्ट्रीय स्तर की बैठक शंभू एवं खनौरी बॉर्डर पर आयोजित होंगी।
- 28 फरवरी को फिर से दोनों फोरम की साझा बैठक आयोजित की जाएगी।
- 29 फरवरी को किसान आंदोलन के आगामी बड़े फैसले की घोषणा की जाएगी।





















