
पल्लवी वाघेला-भोपाल। खुद को हाई क्लास सोसाइटी का दिखाने, महंगे शौक, प्यार और पॉवर की चाह में युवा अपराध करने से भी नहीं चूक रहे हैं। राजधानी भोपाल में सामने आए हत्या, बलात्कार जैसे गंभीर केसेस में 20 से 30 साल के युवाओं की संख्या अधिक है। इनमें इंजीनियरिंग, एमबीए और लॉ के स्टूडेंट भी शामिल रहे। इन युवाओं को अपराध अंजाम देने के बाद अब जेल में जिंदगी बितानी पड़ रही है। गंभीर अपराध में सजा पाने वालों में भी इस उम्र की संख्या सबसे अधिक है।
बनाना था कॅरियर, बन गए क्रिमिनल : सजा पाने वाले वह युवा, जो पढ़े-लिखे हैं, इनमें से ज्यादातर दूसरे जिलों या प्रदेश से कॅरियर बनाने आए थे, लेकिन अपराधी बन गए।
केस 1
21 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र राहुल कुमार को बच्ची से दुष्कर्म मामले में आजीवन कारावास की सजा 2022 में सुनाई गई। वह यूपी से आया था।
केस 2
गर्लफ्रेंड के बर्थ डे के लिए मां द्वारा पैसा न देने पर 20 वर्षीय रौनक ने मां की हत्या कर दी थी। उसे 2023 में आजीवन कारावास की सजा हुई।
कई बार बच्चा टीनएज में छोटे-मोटे अपराध करता है, तो इसे नजरअंदाज न करें। वहीं, बाहर पढ़ने जाने पर परिवार से दूर रहने के कारण वे खुद को आजाद समझने लगते हैं। कॉलेज और संस्थान काउंसलिंग सेशन तो करते हैं, लेकिन पैरेंट्स की भूमिका नहीं निभा पाते हैं। अकेलापन और सोशल मीडिया का प्रभाव भी वह वजह है, जो उन्हें काल्पनिक दुनिया में ले जाती हैं और वे वास्तविकता से दूर होकर अपराध की दुनिया से जुड़ जाते हैं। – दिव्या दुबे मिश्रा, साइकोलॉजिस्ट