
छतरपुर। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के नेतृत्व में चल रही सनातन हिंदू एकता पदयात्रा अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है। सातवें की यात्रा का विश्राम निवाड़ी में हुआ। यात्रा की अगुवाई कर रहे महाराज ने अपने संबोधन में पदयात्रियों को प्रेरित करते हुए कहा, “हमें रुकना नहीं है, झुकना नहीं है,और सनातन धर्म की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करना है।” आज यात्रा में दिल्ली से भाजपा सांसद मनोज तिवारी, पृथ्वीपुर से कांग्रेस विधायक नितेंद्र राठौर और प्रदेश के चिकित्सा मंत्री विश्वास सारंग समेत अन्य हस्तियां शामिल हुई।
कलश लेकर स्वागत के लिए खड़ी थीं महिलाएं
जानकारी के मुताबिक, बागेश्वर धाम से ओरछा रामराजा सरकार की नगरी ओरछा तक चलने वाली सनातन हिंदू एकता पदयात्रा सातवें दिन निवाड़ी पहुंचीं। पदयात्रा का जगह-जगह स्वागत किया जा रहा है। महिलाएं सिर पर कलश रखकर स्वागत के लिए खड़ी थीं, वहीं लोग आरती उतारकर महाराज का स्वागत कर रहे थे। महाराज ने रास्ते में पिछड़े और वंचित वर्ग के लोगों को गले लगाकर सम्मानित किया, जिससे उनके प्रति अपार श्रद्धा और भावनात्मक जुड़ाव दिखा।
सांसद मनोज तिवारी हुए शामिल
यात्रा में देशभर के प्रख्यात संत और हस्तियां शामिल हुईं। इनमें गोरीलाल कुंज श्रीधाम वृंदावन के महंत किशोरदास महाराज, हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास और भजन गायक कन्हैया मित्तल शामिल थे। इसके अलावा भाजपा सांसद मनोज तिवारी, गरौठा विधायक जवाहर राजपूत, पृथ्वीपुर से कांग्रेस विधायक नितेंद्र राठौर और कई अन्य राजनीतिक हस्तियां भी यात्रा का हिस्सा बनीं।
पदयात्राओं से क्रांति आती है : विश्वास सारंग
बागेश्वर महाराज की पदयात्रा में शामिल हुए मध्य प्रदेश के चिकित्सा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि इतिहास गवाह है कि पदयात्राओं से क्रांति की शुरुआत होती है। महाराज ने संपूर्ण हिंदू समाज को एक माला में पिरोने का काम किया है। पूरी दुनिया में सनातन धर्म का परचम लहरा रहा है। उन्होंने कहा कि आदि गुरु शंकराचार्य ने पैदल चलकर सनातन धर्म की रक्षा के लिए चार मठों की स्थापना की थी। भगवान राम ने भी पैदल यात्रा कर राक्षस रावण का संहार किया था। आजादी के पहले महात्मा गांधी ने भी कई यात्राएं की। इससे स्पष्ट है कि यात्राओं के परिणाम दूरगामी होते हैं।

यात्रा में विदेश से भी जुड़े भक्त
दुबई में रह रही एक महिला सनातन हिंदू एकता पदयात्रा में महाराज के साथ चल रही है। भावना किसनानी नाम की महिला ने बताया कि वह 40 वर्ष से दुबई के अबूधाबी में रह रही है, उनके पति किराना व्यापारी है। भावना ने कहा, “इस यात्रा में मुझे अद्भुत ऊर्जा और सुरक्षा का अनुभव हो रहा है।” इसी शक्ति के सहारे वह पिछले 7 दिनों से लगातार चलती आ रही है।
बुंदेलखंड के खली ने किए हैरतअंगेज कारनामे
पदयात्रा में दमोह के बद्री, जिन्हें “बुंदेलखंड का खली” कहा जाता है, उन्होंने लोगों को अपनी शक्ति से चकित कर दिया। उन्होंने हनुमानजी का रथ अपने बालों से खींचा और कीलों पर लेटकर अपने ऊपर पत्थर तुड़वाने जैसे कारनामे किए। उनकी टीम ने कई खतरनाक स्टंट किए, जिससे लोग अचंभित रह गए। बद्री और उसकी टीम इस तरह के कई कारनामे पूरी यात्रा में करती चली आ रही है।