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13 शहरों में विकास, कमाई के साधन भी तैयार

मिनी स्मार्ट सिटी : सात साल में जिस शहर में जो जरूरत थी, वह पूरी हुई
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13 शहरों में विकास, कमाई के साधन भी तैयार

अशोक गौतम-भोपाल। साल 2018... सिंगरौली शहर को मिनी स्मार्ट सिटी बनाने की घोषणा तत्कालीन शिवराज सरकार में की गई। इस बारे में नगर निगम को रूपरेखा तय करने के लिए कहा गया। इस शहर में मुख्य जरूरत सड़कों की थी जिस पर काम हो चुका है। इसी तरह 12 अन्य मिनी स्मार्ट सिटी में भी काम हुए हैं। इसके अलावा निकायों में कमाई के लिए भी संसाधन तैयार किए गए हैं।

अमरकंटक और चित्रकूट सहित अन्य शहरों में दुकानें, बड़े भवन, व्यावसायिक परिसर बनाए गए हैं। जिससे निकाय किराए से अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ प्रोजेक्ट में लगी लोन की राशि का 13 फीसदी अंश दे सकें। सरकार ने 13 निकायों को 241 करोड़ रुपए से उन मामलों में स्मार्ट बनाया है, जिसकी उन्हें बहुत ज्यादा जरूरत थी। तत्कालीन शिवराज सरकार सात साल पहले छोटे छोटे शहरों में सड़क, स्ट्रीट लाइट, सीवेज लाइन और रोड के मामले में बेहतर बनाने के लिए मिनी स्मार्ट सिटी का कॉन्सेप्ट लाई थी।

कमाई का जरिया भी : इन शहरों मेें विकास कार्य तो किए गए हैं, साथ ही निकायों को आत्मनिर्भर बनाने कमाई के जरिए भी बढ़ाए हैं। उदाहरण के तौर पर अमरकंटक में 100 दुकानें, चित्रकूट में 14 दुकानें, यहीं पर सूचना केंद्र भवन बनाए गए हैं। इन्हें किराए पर देकर निकायों की आमदनी भी हो रही है।

मिनी स्मार्ट सिटी में ये सुविधाएं

  • बिजली आपूर्ति
  • पर्याप्त जल
  • ठोस अपशिष्ट प्रबंधन
  • सड़कें
  • सार्वजनिक परिवहन
  • खेल मैदान
  • इंटरनेटर कनेक्टिविटी

इन निकायों में ये काम हुए

  • गंजबासौदा : 10.76 करोड़ के काम हुए हैं। इसमें ज्यादातर काम सड़कों के निर्माण को लेकर किए गए हैं। कुछ जगह सीवेज लाइन डालने का भी काम हुआ है।
  • रतलाम : 10.72 करोड़ रुपए से काम हुए। इसमें ज्यादातर काम सड़कों के निर्माण को लेकर किए गए हैं। जन सुविधा केन्द्र भी बनाए गए हैं।
  • दतिया : इस शहर में 21.07 करोड़ से बिजली के सुधारीकरण पर काम हुआ है। यहां पर स्ट्रीट लाइन को दुरुस्त किया गया है ।
  • गुना: 10.52 करोड़ का काम हुआ है। जिला निगरानी समिति के द्वारा स्टेडियम और सड़क बनाने काम की डिमांड की गई थी, जिसे पूरा कर लिया गया है।
  • मुंगावली: 14.97 करोड़ का काम हुआ है। तालाबों का जीर्णोद्धार और नालों का चैनलाइजेशन किया गया है। जिससे बारिश में परेशानी न हो।
  • चित्रकूट : 22.25 करोड़ रुपए से काम हुए। दो बड़े सूचना केन्द्र भवन बनाए गए हैं। स्ट्रीट लाइन सहित धार्मिक स्थलों का विकास किया गया है।
  • मैहर : 14.16 करोड़ रुपए से विकास कार्य किए गए हैं। अस्सी फीसदी राशि सड़कों के निर्माण पर खर्च की गई है।
  • सीधी: 21.17 करोड़ रुपए से विकास कार्य किए गए हैं। बस स्टैंड का निर्माण और पूरे शहर के स्ट्रीट लाइट का पूरा सेटअप तैयार किया गया है।
  • सिंगरौली: 21.07 करोड़ रुपए से विकास कार्य किए गए हैं। इसमें मुख्य रूप से नालों का डायवर्जन और सड़कों के निर्माण पर फोकस किया गया है।
  • अमरकंटक : 12.99 करोड़ रुपए से काम हुए हैं। यहां घाटों का निर्माण, सुविधा केन्द्र, शुद्ध जल की व्यवस्था और सड़कों का निर्माण किया गया है।
  • चंदिया: 21.07 करोड़ रुपए से विकास कार्य हुए। इसमें बस स्टैंड का निर्माण और सड़कें बनाई गई हैं।
  • पन्ना: शहर में 15.24 करोड़ रुपए से विकास कार्य किए गए हैं। इसमें सड़कों का निमाण और पार्कों को सजाने तथा संवारने का काम किया गया है।
  • ओरछा: शहर में 25.01 करोड़ रुपए से विकास कार्य किए गए हैं। इसमें मंदिरों और आस पास के क्षेत्रों को सजाने संवारने का काम हुआ है।
People's Reporter
By People's Reporter

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