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दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में भूकंप के झटके, म्यांमार में था केंद्र; 7.2 रही तीव्रता; लोगों में दहशत

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दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में भूकंप के झटके, म्यांमार में था केंद्र; 7.2 रही तीव्रता; लोगों में दहशत
दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में शुक्रवार दोपहर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। झटके इतने मजबूत थे कि लोग डर के मारे घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। रुक-रुककर झटके महसूस किए जाने से लोगों में दहशत का माहौल बन गया।

म्यांमार में था भूकंप का केंद्र

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र म्यांमार में था, जहां इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.2 मापी गई। भूकंप के कारण भारत के कई हिस्सों में भी धरती हिल गई। झटके दिल्ली-एनसीआर, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, ओडिशा और मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों में भी महसूस किए गए।

लोगों में मची अफरातफरी

भूकंप के झटके महसूस होते ही दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम में लोग अपने घरों और ऑफिस से बाहर निकल आए। कई इलाकों में ऊंची इमारतों में कंपन महसूस की गई, जिससे लोग घबरा गए। हालांकि, अभी तक किसी बड़े नुकसान की खबर सामने नहीं आई है।

भूकंप के झटकों से क्या करें?

  • भूकंप के दौरान इमारत से बाहर निकलकर खुले स्थान पर जाएं।
  • अगर बाहर न जा सकें तो मजबूत फर्नीचर के नीचे शरण लें।
  • लिफ्ट का इस्तेमाल न करें और बिजली के खंभों से दूर रहें।
  • अफवाहों पर ध्यान न दें और सतर्क रहें।
फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।

आखिर क्यों आते हैं भूकंप ?

भूकंप आने के पीछे की वजह पृथ्वी के भीतर मौजूद प्लेटों का आपस में टकराना है। हमारी पृथ्वी के अंदर सात प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती हैं। जब ये आपस में टकराती हैं, तब फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है। जिसकी वजह से सतह के कोने मुड़ जाते हैं और वहां दबाव बनने लगता है। ऐसी स्थिति में प्लेट के टूटने के बाद ऊर्जा पैदा होती है, जो बाहर निकलने के लिए रास्ता ढूंढती है। जिसकी वजह से धरती हिलने लगती है।

कैसे मापते हैं भूकंप की तीव्रता

रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता मापी जाती है। भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र (एपीसेंटर) से मापा जाता है। भूकंप को लेकर चार अलग-अलग जोन में बांटा गया है। मैक्रो सेस्मिक जोनिंग मैपिंग के अनुसार इसमें जोन-5 से जोन-2 तक शामिल है। जोन 5 को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना गया है और इसी तरह जोन दो सबसे कम संवेदनशील माना जाता है।

किस तीव्रता का भूकंप कितना खतरनाक है

• 0 से 1.9 तीव्रता का भूकंप काफी कमजोर होता है। सीज्मोग्राफ से ही इसका पता चलता है। • वहीं 2 से 2.9 तीव्रता का भूकंप रिक्टर स्केल पर हल्का कंपन करता है। • 3 से 3.9 तीव्रता का भूकंप आने पर ऐसा लगता है जैसे कोई ट्रक आपके नजदीक से गुजर गया हो। • 4 से 4.9 तीव्रता का भूकंप आने पर खिड़कियां टूट सकती हैं। साथ ही दीवारों पर टंगे फ्रेम गिर सकते हैं। • 5 से 5.9 तीव्रता का भूकंप आने पर घर का फर्नीचर हिल सकता है। • 6 से 6.9 तीव्रता का भूकंप आने पर इमारतों की नींव दरक सकती है। • 7 से 7.9 तीव्रता का भूकंप खतरनाक होता है। इससे बिल्डिंग गिर जाती हैं और जमीन में पाइप फट जाती है। • 8 से 8.9 तीव्रता का भूकंप काफी खतरनाक होता है। जापान, चीन समेत कई देशों में 8.8 से 8.9 तीव्रता वाले भूकंप ने खूब तबाही मचाई थी। • 9 और उससे ज्यादा तीव्रता का भूकंप आने पर पूरी तबाही होती है। इमारतें गिर जाती है। पेड़ पौधे, समुद्रों के नजदीक सुनामी आ जाती है।
Shivani Gupta
By Shivani Gupta

शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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