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‘औरंगजेब को कोई भी मुसलमान आदर्श नहीं मानता…’ कांग्रेस नेत्री ने परशुराम से की Aurangzeb की तुलना, पार्टी के अल्टीमेटम के बाद मांगनी पड़ी माफी

Aurangzeb Controversy: जबलपुर से महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष रेखा विनोद जैन ने रविवार को सोशल मीडिया पर भगवान परशुराम से जुड़ा एक पोस्ट शेयर किया। इसके बाद कांग्रेस पार्टी भी उनसे नाराज नजर आई और इस पोस्ट को लेकर कारण बताने का नोटिस जारी किया। हालांकि, पार्टी की नाराजगी के बाद रेखा जैन ने तुरंत माफी मांग ली और सफाई दी कि यह पोस्ट गलती से शेयर किया गया था। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष ने उनका समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की थी, बल्कि सिर्फ एक लेखक के लेख को साझा किया था। 

वहीं दूसरी तरफ भाजपा मंत्री विश्वास सारंग ने भी उन पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा- परशुराम भगवान के अवतार हैं उनकी औरंगजेब से तुलना करना अक्षम्य अपराध है, कांग्रेस ऐसी नेता को पार्टी से बाहर निकले। नहीं तो यह साबित होगा कि यह उनकी विचारधारा है। 

हिंदुत्व के ठेकेदार परशुराम को आदर्श मानकर मंदिर बनवाते है

‘औरंगजेब को कोई भी मुसलमान उसे आदर्श नहीं मानता और संतान का नाम औरंगजेब नहीं रखता। लेकिन हिंदुत्व के ठेकेदार परशुराम जैसे चरित्र को आदर्श मानकर परशुराम का मंदिर तक बनवाते हैं। अगर हमारा धर्म सनातन है, तो उसने हमें माता-पिता का सम्मान सिखाया है। यह किसी विकृति का नतीजा है कि परशुराम जैसा चरित्र आदर्श बन गया।’ 

पढ़ें पूरी पोस्ट

पत्र लिखकर मांगी माफी 

रेखा जैन के सोशल मीडिया पोस्ट को गंभीरता से लेते हुए जिला कांग्रेस ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर तुरंत स्पष्टीकरण मांगा। इस पर रेखा जैन ने माफी मांगते हुए सफाई दी कि यह पोस्ट फेसबुक पर स्क्रॉल करते समय गलती से शेयर हो गई थी। उन्होंने बताया कि यह पोस्ट दिल्ली विश्वविद्यालय के अजय तिवारी द्वारा साझा किया गया था, जिसे अनजाने में उन्होंने भी शेयर कर दिया। अगले दिन जब परिचितों ने उन्हें इस बारे में बताया, तब उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने तुरंत पोस्ट हटा दी।

पार्टी के अल्टीमेटम के बाद रेखा जैन को मांगनी पड़ी माफी

 

रेखा जैन ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए नगर अध्यक्ष सौरभ शर्मा द्वारा जारी नोटिस का जवाब भी दिया, जिसके बाद पार्टी ने उन्हें माफ कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि वह लंबे समय से सनातन धर्म से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय रही हैं और उनकी मंशा किसी की भावनाओं को आहत करने की नहीं थी।

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