
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के सुकमा और दंतेवाड़ा जिले की सीमा पर शनिवार सुबह से सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ जारी है। 16 नक्सलियों को ढेर कर दिया गया है। इस दौरान 2 जवान भी घायल हो गए। डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) और CRPF के जवानों ने नक्सलियों को घेर लिया है। सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है। यह मुठभेड़ केरलापाल थाना क्षेत्र के उपमपल्ली गांव के जंगलों में हुई।
मारे गए नक्सलियों में बड़े कैडर शामिल
बस्तर रेंज के डीआईजी कमलोचन कश्यप ने बताया कि, अब तक 16 नक्सलियों के शव बरामद किए जा चुके हैं। बरामद हथियारों से यह साफ हो रहा है कि, इनमें बड़े नक्सली कमांडर भी शामिल थे। मुठभेड़ खत्म होने के बाद पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा, जिससे मरने वाले नक्सलियों की संख्या और अधिक हो सकती है। मौके से इंसास, एसएलआर (SLR) और अन्य ऑटोमैटिक हथियार बरामद किए गए हैं।
हाल ही में हुए बड़े नक्सली एनकाउंटर
इससे पहले 25 मार्च को दंतेवाड़ा जिले में 25 लाख के इनामी नक्सली सुधीर उर्फ सुधाकर समेत 3 नक्सलियों को जवानों ने मार गिराया था। इसी साल 20 मार्च को बीजापुर-दंतेवाड़ा बॉर्डर पर हुई मुठभेड़ में 26 नक्सली मारे गए थे।
2025 में अब तक के बड़े नक्सली एनकाउंटर
29 मार्च: दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर पर मुठभेड़, 16 नक्सली ढेर (मुठभेड़ जारी)।
25 मार्च: दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर पर मुठभेड़, 3 नक्सली ढेर।
20 मार्च: बीजापुर में 26 और कांकेर में 4 नक्सली मारे गए।
9 फरवरी: बीजापुर जिले में मद्देड़-फरसेगढ़ बॉर्डर पर 31 नक्सली ढेर।
2 फरवरी: बीजापुर के गंगालूर में मुठभेड़, 8 नक्सली मारे गए।
20-21 जनवरी: छत्तीसगढ़-ओडिशा बॉर्डर पर मुठभेड़, 27 नक्सली ढेर।
16 जनवरी: छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर कांकेर गांव में 18 नक्सली ढेर।
शाह का दावा- 2026 तक खत्म होगा नक्सलवाद
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अगस्त और दिसंबर 2024 में छत्तीसगढ़ के रायपुर और जगदलपुर के दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने कहा था कि, 31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद खत्म कर दिया जाएगा। इस बयान के बाद से बस्तर और आसपास के इलाकों में नक्सल विरोधी अभियान तेज कर दिए गए हैं।
25 लाख के इनामी नक्सली का खात्मा
25 मार्च को दंतेवाड़ा जिले में सुरक्षाबलों ने 25 लाख के इनामी नक्सली सुधीर उर्फ सुधाकर उर्फ मुरली को मार गिराया। पुलिस अधीक्षक गौरव राय के मुताबिक, सुरक्षाबलों को गिरसापारा, नेलगोड़ा, बोड़गा और इकेली के जंगलों में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद डीआरजी और बस्तर फाइटर्स की टीमों ने ऑपरेशन चलाया। नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू की, जिसका जवानों ने मुंहतोड़ जवाब दिया। इसी दौरान सुधीर समेत तीन नक्सली मारे गए। उनके पास से इंसास राइफल, 303 राइफल और भारी मात्रा में गोलाबारूद बरामद हुआ।
DRG और CRPF का संयुक्त ऑपरेशन
जवानों को शुक्रवार रात ही इलाके में नक्सलियों के छिपे होने की सूचना मिल गई थी। इसके बाद जिला रिजर्व गार्ड (DRG) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की टीमों ने संयुक्त रूप से ऑपरेशन शुरू किया।
सुरक्षाबलों की इन लगातार कार्रवाइयों से नक्सलियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। पिछले कुछ महीनों में नक्सल विरोधी अभियानों की तीव्रता काफी बढ़ गई है। जिससे कई बड़े नक्सली नेता मारे गए हैं। सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के हथियारों और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट को भी काफी हद तक कमजोर कर दिया है।