
प्रीति जैन। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) आने वाले समय में स्किल्स सब्जेक्ट्स पर भी फोकस करने जा रहा है। कक्षा छठवीं से आठवीं, नौवीं से दसवीं व 11 वीं से 12 वीं तक के लिए अलग-अलग स्किल विषय पहले ही शुरू हो चुके हैं, लेकिन फिलहाल स्कूल्स उन्हीं विषयों को पढ़ा रहे हैं, जो कि स्टूडेंट्स द्वारा पसंद किए जा रहे हैं। अब सीबीएसई ने सर्कुलर जारी कर तीन स्किल कोर्स के सिलेबस को अपग्रेड किया है, जिसमें इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और वेब एप्लीकेशन शामिल हैं। शहर के स्कूल्स में स्टूडेंट्स इन्हें पढ़ना पसंद कर रहे हैं क्योंकि इन विषयों के एक्सपर्ट्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। इन कोर्सेस का फायदा यह है कि स्टूडेंट्स यदि पांच में से किसी एक विषय में फेल हो जाते हैं तो उसकी भरपाई स्किल विषय के अंकों से की जा सकती है।
प्रोग्रामिंग, नेटवर्किंग व लैंग्वेज सीख सकेंगे छात्र
सीबीएसई कक्षा 11वीं के वेब एप्लीकेशन कोर्स का उद्देश्य छात्रों को नेटवर्किंग, वेबसाइट डेवलपमेंट, फोटो एडिटिंग और प्रोग्रामिंग की गहन समझ देना है। इसके पाठ्यक्रम को पूरा करने वाले छात्र नेटवर्किंग बेसिक और नेटवर्क आर्किटेक्चर की समझ, नेटवर्किंग खतरों को पहचानना और सिस्टम की सुरक्षा करना, जावा स्क्रिप्ट प्रोग्राम लिखना सीख सकेंगे। – शैलेष झोपे, प्रिंसिपल, आनंद विहार
साइबर सिक्योरिटी और एआई को लेकर समझ बढ़ेगी
कक्षा 10वीं के आईटी सिलेबस में संशोधन से छात्र डिजिटल स्प्रेडशीट्स, डिजिटल प्रेजेंटेशन, डाटाबेस मैनेजमेंट और इंटरनेट सिक्योरिटी सीख सकेंगे। कक्षा 9वीं और 11वीं में एआई से अवगत हो पाएंगे। कक्षा 12वीं में ग्राफिक डिजाइनर कोर्स प्रोग्रामिंग, ग्राफिक डिजाइन और साइबर सुरक्षा की व्यापक समझ प्रदान करेगा। – डॉ. शिखा रस्तोगी, सीबीएसई रिसोर्सपर्सन
स्किल विषयों के सिलेबस और कंटेंट में किया संशोधन
सीबीएसई ने एकेडमिक सेशन 2024-25 से विभिन्न स्किल विषयों के सिलेबस व कंटेंट में संशोधन की घोषणा की है। ये परिवर्तन कक्षा 11वीं के लिए वेब एप्लीकेशन, कक्षा 10वीं के लिए इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और कक्षा 9वीं एवं 11वीं के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में किए गए हैं। बोर्ड ने इन विषयों को वेबसाइट पर अपडेट कर दिया है और नया सिलेबस व कंटेट भी अपलोड कर दिया है। सीबीएसई की इस पहल का उद्देश्य स्टूडेंट्स को विकसित हो रहे तकनीकी परिदृश्य के लिए आवश्यक स्किल्स और नॉलेज के साथ बेहतर ढंग से तैयार करना है। स्कूल में स्टूडेंट्स को इस तरह के कोर्स आॅफर किए जा रहे हैं। – डॉ. पंकज शर्मा, प्रिंसिपल, एसपीएस