
जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले एक अहम पहल की गई है, जिससे विद्यार्थियों के पेरेंट्स को महंगी किताबों से राहत मिलने की उम्मीद है। यहां आयोजित एक विशेष पुस्तक मेले में स्कूलों की किताबें आधी कीमत पर उपलब्ध हैं, साथ ही यूनिफॉर्म, स्कूल बैग और स्टेशनरी पर 20 से 50 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है।
5 अप्रैल तक चलेगा पुस्तक मेला
यह पुस्तक मेला जबलपुर के गोल बाजार स्थित शहीद स्मारक में 25 मार्च से शुरू हुआ और 5 अप्रैल तक चलेगा। मेले का उद्घाटन मंगलवार शाम को लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने किया। इस मेले में कुल 57 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां पर छात्र-छात्राओं के लिए जरूरी एनसीईआरटी की किताबें भी कम दामों में उपलब्ध हैं।
4 लाख अभिभावकों को मिलेगा फायदा
इस पुस्तक मेले का लाभ जिले के 1800 स्कूलों में पढ़ने वाले पहली से लेकर बारहवीं कक्षा तक के 4 लाख विद्यार्थियों के पेरेंट्स को मिलेगा। इसके अलावा, स्टूडेंट्स को करियर काउंसलिंग से संबंधित जानकारी भी दी जाएगी। इस मेले में एक बुक बैंक भी स्थापित किया गया है, जहां लोग अपनी पुरानी किताबें दान कर सकते हैं, ताकि जरूरतमंद छात्रों को उन किताबों का फायदा मिल सके।
सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे
पुस्तक मेले में केवल किताबों की ही बिक्री नहीं होगी, बल्कि हर दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों द्वारा गीत, नृत्य और लाइव पेंटिंग की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। 26 मार्च को कीर्ति श्रीवास्तव, 27 मार्च को धीरज शर्मा एवं समूह के गीतों की प्रस्तुति होगी। इसके बाद 28 मार्च को झील सिंह द्वारा नृत्य एवं लाइव पेंटिंग का प्रदर्शन होगा।
अन्य जिलों में भी हो रही पहल
इस पहल के बाद जबलपुर में आयोजित पुस्तक मेला एक उदाहरण बन गया है। कलेक्टर दीपक सक्सेना के नेतृत्व में पिछले साल भी निजी स्कूलों और प्रकाशकों से मिलकर पुस्तक मेला आयोजित किया गया था, जिसे प्रदेशभर में सराहा गया। इस वर्ष जबलपुर के पुस्तक मेले की सफलता के बाद अब अन्य जिलों में भी इस तरह के मेले लगाने की शुरुआत की गई है।
ये भी पढ़ें- नीट-2021 काउंसलिंग केस में सुप्रीम कोर्ट का फैसला, जमानत मामले में CBI जांच का आदेश नहीं दे सकता हाई कोर्ट