
भुवनेश्वर। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर स्थित कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (KIIT) के हॉस्टल में नेपाल की छात्रा प्रकृति लमसाल की खुदकुशी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना के बाद नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के हस्तक्षेप के चलते मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया है। ओडिशा सरकार ने इस मामले की गहन जांच के लिए एक उच्च स्तरीय फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी गठित की है।
इस मामले में नेपाल दूतावास, ओडिशा सरकार और पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए यूनिवर्सिटी के तीन डायरेक्टर और दो सिक्योरिटी गार्ड्स समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
ओडिशा सरकार ने बनाई हाई लेवल फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी
ओडिशा सरकार ने इस मामले की गहन जांच के लिए एक उच्च स्तरीय फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी गठित की है। इस कमेटी में होम डिपार्टमेंट के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी, वूमेन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल सेक्रेटरी और हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी शामिल हैं।
कमेटी छात्रा की मौत के कारणों, घटना के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ हुए दुर्व्यवहार और यूनिवर्सिटी प्रशासन की भूमिका और छात्रों के प्रति उनके रवैये की जांच करेगी। सरकार का कहना है कि मामले में पहले ही जरूरी कदम उठाए जा चुके हैं और जांच तेजी से की जाएगी।
मृतक छात्रा के भाई की तहरीर पर एक छात्र गिरफ्तार
प्रकृति लमसाल के चचेरे भाई सिद्धांत सिग्दल की शिकायत पर भुवनेश्वर के इन्फोसिटी पुलिस स्टेशन में एक छात्र आदविक श्रीवास्तव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा, KIIT के दो सिक्योरिटी गार्ड्स रमाकांत नायक (45) और जोगेंद्र बेहरा के खिलाफ बीएनएस की धारा 126(2)/296/115(2)/3(5) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
KIIT हॉस्टल के अधिकारी ने मांगी माफी
घटना के बाद KIIT हॉस्टल के एक अधिकारी ने प्रदर्शनकारी छात्रों से नेपाल के बारे में की गई अपनी विवादित टिप्पणी के लिए माफी मांगी। उन्होंने कहा, “मेरा इरादा कभी किसी को अपमानित करने का नहीं था। यदि मेरे शब्दों से किसी को अनजाने में ठेस पहुंची है, तो मुझे गहरा खेद है।”
वहीं, प्रदर्शनकारी छात्रों ने एक स्वतंत्र संगठन बनाने की मांग की है, जिससे वे भविष्य में जरूरत पड़ने पर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।
परिजनों की इंसाफ की मांग
घटना की सूचना मिलते ही मृतक छात्रा के परिजन नेपाल से भुवनेश्वर पहुंचे और इंसाफ की मांग की। परिजनों ने बताया, “हमें सिर्फ कहा गया कि जल्दी आ जाओ और जब यहां पहुंचे, तो पता चला कि हमारी बेटी नहीं रही। कुछ घंटे पहले ही हमारी बात हुई थी और उसने बताया था कि वह फेस्ट में जा रही है। उसके बाद आकर हमसे बात करने वाली थी, लेकिन हमें अब कभी उसकी आवाज सुनने को नहीं मिलेगी।”
मृतका के पिता ने कहा- सरकार और पुलिस पर भरोसा
प्रकृति लमसाल के पिता सुनील लमसाल ने कहा, “मैंने अपनी बेटी को खो दिया, लेकिन यहां कई और नेपाली छात्र पढ़ रहे हैं। हमें पता चला है कि कुछ छात्रों को उनके हॉस्टल से निकाल दिया गया, जो सही नहीं है। प्रशासन को ऐसे मामलों में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा, “हमें सरकार और पुलिस पर भरोसा है कि वे न्याय दिलाएंगे।”
KIIT का दावा- प्रेम संबंध की वजह से की खुदकुशी
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस मामले में बयान जारी करते हुए कहा, “प्राथमिक जांच में यह संदेह जताया जा रहा है कि लड़की का किसी अन्य छात्र के साथ प्रेम संबंध था और उसने किसी व्यक्तिगत कारण से आत्महत्या कर ली होगी।”
हालांकि, मृतक छात्रा के चचेरे भाई सिद्धांत सिग्दल का दावा है कि एक छात्र उसे ब्लैकमेल कर रहा था, जिसके कारण उसने यह कदम उठाया।
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