
वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका और यूरोप में बीते कुछ महीनों में एलन मस्क की इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला को लगातार हमलों का सामना करना पड़ रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक लगभग 100 टेस्ला कारों में आगजनी या तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं। इन हमलों के चलते टेस्ला और मस्क को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। यह घटनाएं ऐसे समय में हो रही हैं, जब टेस्ला के भारतीय बाजार में एंट्री की खबरें सामने आ रही हैं। यूरोपीय संघ में टेस्ला की बिक्री को जबरदस्त नुकसान हुआ है, जहां अब टेस्ला कि बिक्री आधी रह गई है।
अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने 25 मार्च को इन हमलों की जांच के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया है। FBI ने इन हमलों को गंभीरता से लेते हुए संभावित साजिशों और संगठनों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है।
सरकारी कर्मचारियों की छंटनी के कारण मस्क के खिलाफ नाराजगी
इन हमलों के पीछे कई संभावित कारण बताए जा रहे हैं, जिनमें पहला कारण अमेरिका में सरकारी कर्मचारियों की छंटनी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एलन मस्क को डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (DoGE) का प्रमुख नियुक्त किया था। यह विभाग सरकारी खर्चों में कटौती करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिसके चलते करीब 20,000 लोगों को सरकारी नौकरियों से निकाला गया, जबकि 75,000 लोगों ने बायआउट (स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने) का विकल्प चुना।
इतना ही नहीं, ट्रंप ने मस्क के विभाग की सिफारिश पर अंतरराष्ट्रीय विकास एजेंसी USAID के तहत गरीब और विकासशील देशों को दी जाने वाली आर्थिक मदद भी रोक दी। इन नीतियों के कारण बड़ी संख्या में लोगों में मस्क के प्रति गुस्सा बढ़ गया है, जिसका असर टेस्ला के खिलाफ हो रहे हमलों में दिख रहा है।
दक्षिणपंथी पार्टियों के समर्थन के कारण यूरोप में विरोध
एलन मस्क पर यूरोप की दक्षिणपंथी पार्टियों को समर्थन देने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं, जिससे कई देशों में उनके खिलाफ नाराजगी बढ़ी है। ब्रिटेन में मस्क ने जनवरी में ब्रिटिश किंग चार्ल्स से संसद भंग करने की अपील की थी। इसके अलावा, उन्होंने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पर 15 साल पहले रेप पीड़िताओं को न्याय दिलाने में विफल रहने का आरोप लगाया था।
जर्मनी में उन्होंने वहां के चुनाव में दक्षिणपंथी पार्टी अल्टरनेटिव फर ड्यूशलैंड (AFD) का समर्थन किया था। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा था कि जर्मनी को केवल AFD ही बचा सकती है। यह पार्टी देश को बेहतर भविष्य दे सकती है। इस बयान के बाद जर्मनी में बड़े पैमाने पर टेस्ला का बहिष्कार शुरू हो गया।
फ्रांस में मस्क ने किसी भी दक्षिणपंथी पार्टी को खुलकर समर्थन नहीं दिया, लेकिन यूरोपीय मामलों में उनकी बढ़ती दखलअंदाजी के चलते वहां भी उनके खिलाफ नाराजगी देखी जा रही है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि दुनिया के सबसे बड़े सोशल नेटवर्क का मालिक अब इंटरनेशनल रिएक्शनरी मूवमेंट (दक्षिणपंथी प्रतिक्रियावादी आंदोलन) का समर्थन कर रहा है।
इटली में प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने मस्क को अपना दोस्त बताया था, जिसके बाद यह मामला और विवादास्पद हो गया। मेलोनी को दक्षिणपंथी नेता माना जाता है और मस्क के साथ उनके संबंधों को लेकर इटली में भी तीखी बहस चल रही है।
टेस्ला में छंटनी के बाद कर्मचारियों का गुस्सा बढ़ा
टेस्ला के खिलाफ विरोध की एक और बड़ी वजह कंपनी में हाल ही में हुई छंटनी है। फरवरी में टेस्ला ने अपनी ऑटोनॉमस ड्राइविंग रिसर्च एजेंसी से 4% कर्मचारियों को निकाल दिया था। यह एजेंसी टेस्ला की सेल्फ-ड्राइविंग तकनीक को विकसित करने और सुधारने का काम कर रही थी। इस छंटनी के कारण हजारों कर्मचारियों की नौकरियां चली गईं, जिससे कर्मचारियों और यूनियनों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। यूनियनों ने आरोप लगाया कि मस्क ने बिना किसी पूर्व सूचना के बड़े पैमाने पर छंटनी कर दी, जिससे कई कर्मचारी आर्थिक संकट में आ गए।
इसके चलते टेस्ला के खिलाफ विरोध तेज हो गया है, और अब अमेरिकी एजेंसियां भी इस छंटनी की जांच कर रही हैं। नेशनल हाईवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन (NHTSA) ने टेस्ला में हुई छंटनी की समीक्षा शुरू कर दी है।
मस्क को हुआ अरबों डॉलर का नुकसान
टेस्ला के खिलाफ बढ़ते बहिष्कार और कारों को जलाने की घटनाओं का सीधा असर कंपनी की वित्तीय स्थिति पर पड़ा है। मार्च में टेस्ला के शेयरों में 15% की गिरावट आई थी, जो सितंबर 2020 के बाद कंपनी के लिए सबसे बुरा दिन था। इस गिरावट के कारण टेस्ला के मार्केट कैप में 800 अरब डॉलर की कमी आई। इसका असर एलन मस्क की व्यक्तिगत संपत्ति पर भी पड़ा। जनवरी 2025 से मार्च तक मस्क की नेटवर्थ में 132 अरब डॉलर (करीब 11 लाख करोड़ रुपए) की गिरावट आई। केवल मार्च के एक ही दिन में उनकी संपत्ति 29 अरब डॉलर घट गई।
BYD को मिला फायदा, बाजार में टेस्ला की पकड़ कमजोर
टेस्ला की इस गिरावट का सीधा फायदा चीनी कंपनी BYD (Build Your Dreams) को मिला है। BYD चीन की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक व्हीकल निर्माता कंपनी है, जो पहले बैटरियों के निर्माण में माहिर थी और बाद में इलेक्ट्रिक व हाइब्रिड कारों के बाजार में उतरी। आज BYD दुनिया की सबसे बड़ी EV निर्माता कंपनी बन चुकी है और यह सिर्फ कार ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रिक बस, ट्रक और बैटरी टेक्नोलॉजी में भी अग्रणी बन चुकी है।
BYD का सबसे सस्ता सीगुल हैचबैक केवल 9900 डॉलर (करीब 8.25 लाख रुपए) में उपलब्ध है, जबकि टेस्ला का सबसे सस्ता मॉडल 33500 डॉलर (करीब 28 लाख रुपए) से शुरू होता है। टेस्ला की बढ़ती कीमतों और बहिष्कार के चलते कई उपभोक्ता अब BYD की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे टेस्ला को और अधिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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