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प्राइवेट में 4 लाख तक की लागत वाली सर्जरी हो रही फ्री

थाइरॉइड कैंसर पीड़ितों के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज बना वरदान, इलाज कराने कई राज्यों से आते हैं मरीज

हर्षित चौरसिया-जबलपुर। प्रदेश के नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज, जबलपुर के सर्जरी विभाग का स्तन एवं थाइरॉइड कैंसर हाई वॉल्यूम सेंटर थाइरॉइड कैंसर पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए वरदान साबित हो रहा है। अत्याधुनिक तकनीक से उपचार लेने के लिए देश के कई राज्यों से कैंसर पीड़ित यहां पहुंच रहे हैं। इस बीमारी का इलाज कराने के लिए निजी अस्पतालों में 3-4 लाख रुपए खर्च होते हैं वो यहां फ्री में होता है। पिछले डेढ़ साल में 150 से ज्यादा थाइरॉइड कैंसर मरीजों की जटिल सर्जरी की गई है। सेंटर के प्रमुख एवं स्तन थाइरॉइड एवं एंडोक्राइन कैंसर विशेषज्ञ डॉ. संजय यादव ने बताया थाइरॉइड कैंसर भारत सहित अन्य देशों में पिछले कुछ साल से लगातार बढ़ रहा है।

यह आधुनिक सुविधाएं हैं अस्पताल में

मेडिकल कॉलेज में एडवांस सर्जरी में ऑन्कोप्लास्टिक तकनीक द्वारा स्तन कैंसर की सर्जरी, अत्याधुनिक लोकल परफोरेटर फ्लैप तकनीक द्वारा ब्रेस्ट रिकंस्ट्रक्शन, सेंटिनेल लिम्फ नोड बायोप्सी ब्रेस्ट कैंसर, एक्सिलरी रिवर्स मैपिंग तकनीक आदि सुविधाएं हैं।

इस कैंसर के बढ़ने के कारण

डॉक्टर के मुताबिक आयोडीन नमक की कमी, लंबे समय तक घेंघा रोग से पीड़ित रहना और अनुवाशिंक कारणों से यह बीमारी होती है।

इन राज्यों, शहरों से आ रहे मरीज

डॉ. यादव ने बताया नागपुर, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश के साथ मध्य प्रदेश के भोपाल, रीवा, सिंगरौली, सतना, मंडला, जबलपुर के मरीज सेंटर में उपचार के लिए आ रहे हैं। यहां आ रहे मरीजों में जबलपुर के करीब 20 प्रतिशत हैं, वहीं प्रदेश के अन्य जिलों के 50 प्रतिशत व बाहरी राज्यों के 30 प्रतिशत मरीज शामिल हैं।

मेरे पिता को उनके मित्र से जबलपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज के बारे में जानकारी मिली थी, मैंने यहां पर जांच कराई मुझे सिस्ट थी, जो कि कैंसर की तरफ बढ़ रही थी। सर्जरी के बाद मैं अब स्वस्थ हूं। – तन्य कीर्ति, मरीज, निवासी पटना, बिहार

मुझे समाचार पत्रों के माध्यम से जबलपुर मेडिकल कॉलेज में अच्छे उपचार की जानकारी मिली थी। मुझे थायराइड कैंसर की शिकायत थी। डॉ. संजय यादव ने सर्जरी कर मेरा उपचार किया। अब मैं स्वस्थ हूं और फॉलोअप के लिए भी आती हूं। – संतोषी द्विवेदी मरीज, शहडोल

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